विदेश में MBBS: NMC के नियम जो हर छात्र को जानने चाहिए
हर साल हज़ारों भारतीय छात्र MBBS पढ़ने विदेश जाते हैं। लेकिन विदेश की डिग्री से भारत में डॉक्टर के रूप में काम करने के लिए राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) के नियम पूरे करने ज़रूरी हैं। ये नियम विदेशी चिकित्सा स्नातक (Foreign Medical Graduate) के लाइसेंस से जुड़े हैं। एडमिशन से पहले इन्हें ध्यान से पढ़ें।
1. NEET क्वालिफ़ाई करना ज़रूरी है
विदेश में MBBS के लिए भी NEET (UG) क्वालिफ़ाई करना ज़रूरी है। बिना NEET के ली गई विदेशी डिग्री भारत में मान्य नहीं होगी।
2. कोर्स की अवधि और इंटर्नशिप
NMC के नियमों के अनुसार कोर्स एक तय न्यूनतम अवधि का होना चाहिए और उसमें उसी विदेशी संस्थान में इंटर्नशिप शामिल होनी चाहिए। छोटा कोर्स या अलग जगह इंटर्नशिप वाला कोर्स नियम पूरा नहीं करता। अवधि की सटीक शर्तें NMC की वर्तमान अधिसूचना में देखें।
3. पढ़ाई अंग्रेज़ी माध्यम में
पूरा कोर्स अंग्रेज़ी माध्यम में होना चाहिए। यूनिवर्सिटी से लिखित पुष्टि लें कि पढ़ाई और परीक्षा अंग्रेज़ी में होगी।
4. उस देश में प्रैक्टिस का लाइसेंस
छात्र को उसी देश में डॉक्टर के रूप में रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस के योग्य होना चाहिए जहाँ से उसने डिग्री ली है।
5. भारत लौटकर
भारत लौटने पर NMC द्वारा तय परीक्षा पास करनी होती है और भारत में तय अवधि की इंटर्नशिप करनी होती है। इसके बाद ही स्थायी रजिस्ट्रेशन मिलता है।
यूनिवर्सिटी चुनते समय क्या जाँचें
- यूनिवर्सिटी उस देश की सरकार से मान्यता प्राप्त है और World Directory of Medical Schools में सूचीबद्ध है।
- कोर्स की अवधि, इंटर्नशिप और माध्यम NMC के नियमों के अनुसार है।
- फ़ीस, हॉस्टल और रहने का खर्च सिर्फ़ यूनिवर्सिटी के आधिकारिक पत्र से लें।
- "गारंटी" का वादा करने वाले एजेंट से सावधान रहें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या हर विदेशी MBBS डिग्री भारत में मान्य है?
नहीं। केवल वही डिग्री मान्य है जो NMC के नियम पूरे करती है। एडमिशन से पहले हर शर्त जाँचें।
नियम बदल सकते हैं क्या?
हाँ, इसलिए हमेशा NMC की वेबसाइट पर वर्तमान अधिसूचना देखें।
हमारा MBBS पेज देखें या काउंसलिंग बुक करें। हमारे काउंसलर हर विकल्प को NMC नियमों से मिलाकर समझाएँगे।